सऊदी अरब के जैनुल आबेदीन का बनाया Sarahah ऐप दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रहा है। यह ऐप 30 से ज्यादा देशों में पॉपुलर हो चुका है। ऐप्पल प्ले स्टोर पर यह ऐप टॉप चार ट्रेडिंग ऐप की लिस्ट में शुमार हो गया है। गूगल प्ले स्टोर से 5 से 10 लाख यूजर्स इस ऐप को इंस्टॉल कर चुके हैं। ऐप का दावा है कि इसके जरिए यूजर्स अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों और दोस्तों को ईमानदार फीडबैक भेज सकते हैं।
पॉपुलर होने के साथ ही खतरनाक भी है
इस ऐप के जरिए यूजर्स किसी को भी मैसेज भेज सकते हैं, रिसीव करने वाला नहीं जान पाएगा किसने मैसेज भेजा है। इससे ‘साइबर बुलिंग’ का खतरा बढ़ सकता है। नेगेटिविटी बढ़ सकती है। दावा किया जा रहा है कि इस ऐप को दुनियाभर में फेसबुक और स्नेपचैट से ज्यादा तवज्जो मिल रही है और यह यूजर्स के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
यह ऐप भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को नकारात्मक रुप से प्रभावित कर सकता है। अगर इस ऐप के जरिए कोई किसी को धमकी भेज दे तो क्या परिणाम होंगे? ऐसे ऐप्स को कानून के जरिए रेगुलेट करने की जरूरत है। ऐप यूजर्स की आइडेंटिटी छिपाकर उसे गुमराह कर रहा है।
— पवन दुग्गल,साइबर एक्सपर्ट
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