■ डॉ आनंद राय की फेसबुक वाल से...
व्यापमं घोटाले की आरोपी रही पाखी बिड़ला और उनके पिता डॉ मुकेश बिड़ला का मीडिया मैनजेमेंट देखिए, जहां एक और 2012,2013 बैच के गरीब बच्चे और उनके माँ बाप जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे वही रसूख के चलते 2011 बैच की आरोपी पाखी बिड़ला को उन 634 छात्रों में शामिल थी जिन्हें सुप्रीमकोर्ट ने MBBS कोर्स से बाहर करने के आदेश दिए थे लेकिन इनके विरुद्ध कोई FIR नही हुई।
हमने CBI से मांग की है कि 2008,2009,2010,2011 बैच के 433 छात्रों के विरुद्ध FIR हो और उन्हें भी जेल भेजा जाए।भास्कर इतने बड़े तथ्य को आपसे छिपा गया।चूंकि पाखी के पिता पैसेवाले है इसीलिए GRE और अमेरिकन यूनिवर्सिटी का खर्च उठा लेंगे लेकिन सैकड़ो छात्र इस घोटाले के कारण रोड पर आ गए।हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसे डाकुओं को समाज मे एक्सपोज़ करना है जिन्होंने प्रतिभवां छात्रों का हक मारा है, वही भास्कर ने छोटी से उपलब्धि (मात्र 1000 छात्रों के बीच से चयनित)को अपनी फ्रंट पेज बैनर खबर बनाकर एक आरोपी का महिमामंडन किया है।
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