जयपुर। राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने गुरुवार को एक अहम फैसला लेते हुए करीब 300 करोड़ के फाइव स्टार होटल को तोड़ने के आदेश दिए हैं। यह होटल हैरिटेज साइट जलमहल के पास बना हुआ है। सरकार ने यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद दिया है जिसमें होटल ट्राइडेंट की लीज रद्द करने के आदेश दिए हैं। यह होटल जिस जमीन पर बना है वह कल्याण मंदिर की खातेदारी भूमि है। यह जमीन सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत से पहले लीज पर ली गई और फिर ओबेरॉय ग्रुप ने ट्राइडेंट होटल का निर्माण कर लिया गया। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और अब कोर्ट ने याचिकाकर्ता महंत मूलचंद और माहेश्वरी देवी की याचिका पर फैसला सुनाते हुए मंदिर की जमीन के आवंटन पर रोक लगा दी। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने भगवान को नाबालिग मानकर जमीन लौटाने के आदेश दिए।
कोर्ट ने सरकार को होटल ट्राइडेंट की लीज रद्द करने के आदेश दिए तो सरकार ने भी बड़ा फैसला लेते हुए भगवान की जमीन भगवान को ही लौटाने का मन बनाया। 22 साल कानूनी लड़ाई के बाद आए इस अहम फैसले पर सरकार ने मंदिर की जमीन पर बने तीन सौ करोड़ के होटल को तोड़ने का फैसला लिया है।
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